इस समय जहां भी जाएं, जिधर भी देखें बस यही चर्चाएं हो रही हैं कि मेक इन इंडिया बताया जाने वाला फ्रीडम 251 एंड्राॅयड मोबाइल फोन क्या वाकई मात्र 251 रुपये में मिल जाएगा. बुकिंग शुरू होने के पहले ही दिन बहुत ज्यादा की तादाद में लोगों ने कंपनी का वेबसाईट खोला नतीजतन वेबसाईट क्रैश हो गई और किसी के हाथ कुछ नहीं लग पाया.
इसके 2-3 घंटे के बाद से वेबसाईट खुलना शुरू हुआ लेकिन बुकिंग करने की जगह कंपनी की तरफ से यह मैसेज दिया गया कि ज्यादा विजिटर आने की वजह से कुछ दिक्कतें आ गई हैं जिसका समाधान कर 24 घंटे के बाद पुनः बुकिंग शुरू कर दी जाएगी. आज सुबह से रूक-रूक कर वेबसाईट पर बुकिंग भी हो रही है. अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी तक लाखों की संख्या में लोगों ने बुकिंग कराई है.
इसमें कोई दो राय नहीं है कि जहां 251 रुपये में किसी अच्छे मोबाइल का चार्जर भी मार्केट में उपलब्ध नहीं है वहीं, रिंगिंग बेल्स कंपनी ने इतनी कम कीमत पर एंड्राॅयड फोन देने का दावा कर मोबाइल कंपनियों में खलबली मचा दी है. कंपनी पर उठ रहे कई तरह के सवालों का जवाब भी आज मीडिया के समक्ष कंपनी के अधिकृत वरिष्ठ लोगों ने दिया और बताया कि ऐसा कैसे संभव हो सकता है.
इस बारे में आम लोगों की बातें जानने के बाद आप हंस पड़ेंगे.
फ्रीडम 251 मोबाइल खरीदने की सनक लोगों में ऐसी दिखी कि लोगों ने रात को अलार्म लगा कर सोया ताकि सुबह 6 बजे ही सबसे पहले मोबाइल बुक हो जाए. लेकिन जब वेबसाईट क्रैश हो गई तो उन्हीं लोगों ने इसकी निंदा करनी शुरू कर दी. अलग-अलग प्रोफेशन में कार्यरत पढ़े-लिखे लोगों ने भी कंपनी को खूब कोसा, उल्टा-सीधा कहा. चाहे वो डाॅक्टर हो, इंजीनियर हो, मीडिया कर्मी हो, सभी ने इसे अपने-अपने स्तर से ऐसा हो पाना असंभव बताया. इसके बाद मीडिया में भी दिन भर इस मोबाइल के सच को अपने-अपने तरीके से दर्शकों को दिखाने की होड़ मच गई.
आश्चर्य की बात यह है कि अभी तक कोई भी इस बात को लेकर निश्चिंत नहीं है कि यह मोबाइल मिल भी पाएगा या नहीं फिर भी सुबह से हर किसी ने इस मोबाइल को बुक कराया है. इसके पीछे लोगों का तर्क भी जरा सुन लीजिए - जिन-जिन लोगों ने इसकी निंदा की, कोसा, भला-बुरा कहा उनसे अगर आन पूछोगे कि आपने यह मोबाइल क्यों बुक कराया है तो अधिकतर लोगों का कहना है कि 251 रुपया कोई बहुत बड़ी रकम नहीं है, रिस्क तो है मगर आ गया तो ठीक है नहीं तो हमने तो मोबाइल यह समझ कर बुक कराया है कि पैसा पानी में फेंक रहे हैं. आपको बता दें, लगभग हर वर्ग के लोगों ने चाहे वो अमीर हैं या गरीब फ्रीडम 251 मोबाइल को बुक कराया ही कराया है.
इसके 2-3 घंटे के बाद से वेबसाईट खुलना शुरू हुआ लेकिन बुकिंग करने की जगह कंपनी की तरफ से यह मैसेज दिया गया कि ज्यादा विजिटर आने की वजह से कुछ दिक्कतें आ गई हैं जिसका समाधान कर 24 घंटे के बाद पुनः बुकिंग शुरू कर दी जाएगी. आज सुबह से रूक-रूक कर वेबसाईट पर बुकिंग भी हो रही है. अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी तक लाखों की संख्या में लोगों ने बुकिंग कराई है.
इसमें कोई दो राय नहीं है कि जहां 251 रुपये में किसी अच्छे मोबाइल का चार्जर भी मार्केट में उपलब्ध नहीं है वहीं, रिंगिंग बेल्स कंपनी ने इतनी कम कीमत पर एंड्राॅयड फोन देने का दावा कर मोबाइल कंपनियों में खलबली मचा दी है. कंपनी पर उठ रहे कई तरह के सवालों का जवाब भी आज मीडिया के समक्ष कंपनी के अधिकृत वरिष्ठ लोगों ने दिया और बताया कि ऐसा कैसे संभव हो सकता है.
इस बारे में आम लोगों की बातें जानने के बाद आप हंस पड़ेंगे.
फ्रीडम 251 मोबाइल खरीदने की सनक लोगों में ऐसी दिखी कि लोगों ने रात को अलार्म लगा कर सोया ताकि सुबह 6 बजे ही सबसे पहले मोबाइल बुक हो जाए. लेकिन जब वेबसाईट क्रैश हो गई तो उन्हीं लोगों ने इसकी निंदा करनी शुरू कर दी. अलग-अलग प्रोफेशन में कार्यरत पढ़े-लिखे लोगों ने भी कंपनी को खूब कोसा, उल्टा-सीधा कहा. चाहे वो डाॅक्टर हो, इंजीनियर हो, मीडिया कर्मी हो, सभी ने इसे अपने-अपने स्तर से ऐसा हो पाना असंभव बताया. इसके बाद मीडिया में भी दिन भर इस मोबाइल के सच को अपने-अपने तरीके से दर्शकों को दिखाने की होड़ मच गई.
आश्चर्य की बात यह है कि अभी तक कोई भी इस बात को लेकर निश्चिंत नहीं है कि यह मोबाइल मिल भी पाएगा या नहीं फिर भी सुबह से हर किसी ने इस मोबाइल को बुक कराया है. इसके पीछे लोगों का तर्क भी जरा सुन लीजिए - जिन-जिन लोगों ने इसकी निंदा की, कोसा, भला-बुरा कहा उनसे अगर आन पूछोगे कि आपने यह मोबाइल क्यों बुक कराया है तो अधिकतर लोगों का कहना है कि 251 रुपया कोई बहुत बड़ी रकम नहीं है, रिस्क तो है मगर आ गया तो ठीक है नहीं तो हमने तो मोबाइल यह समझ कर बुक कराया है कि पैसा पानी में फेंक रहे हैं. आपको बता दें, लगभग हर वर्ग के लोगों ने चाहे वो अमीर हैं या गरीब फ्रीडम 251 मोबाइल को बुक कराया ही कराया है.

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