जगजाहिर है कि बिहार की एक बड़ी आबादी रोजगार को लेकर दूसरे-दूसरे राज्यों में आते-जाते रहते हैं. बिहारवासियों के दूसरे राज्यों में आने-जाने की प्रक्रिया प्रतिदिन कितनी संख्या में होती है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगले दो-तीन महीनों तक की ट्रेन रिजर्वेशन पहले से ही बुक होती है. भारतीय रेलवे ही एक मात्र सुगम, सुरक्षित और सस्ता साधन है जिसकी बदौलत दूर-दराज के राज्यों में रहने वाले लोग अधिकतम ट्रेन से सफर करना ही सही समझते हैं.
इन सब के बावजूद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक पहल इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है. आम लोगों में यह चर्चा हो रही है कि नीतीश कुमार एक ऐसा शाॅर्टकट हाईवे तैयार करवा रहे हैं जिसकी बदौलत वे गुजरात के रास्ते बड़ी आसानी से दिल्ली पहुंच जाएंगे.
हालांकि बिहार की एक बड़ी आबादी इस समय नीतीश कुमार के द्वारा लिए गए एक फैसले से काफी नाखुश है. यह फैसला है बिहार में शराब पर पूर्णतः बैन का. जहां एक ओर शराब पीने वालो में शराब नहीं मिल पाने से नीतीश के प्रति नाराजगी हैं वहीं, बिहार की महिलाएं नीतीश कुमार के इस फैसले से काफी खुश और संतुष्ट नजर आ रही हैं.
नीतीश के इन्हीं फैसलों के कारण इस समय राजनीतिक हलकों में यह चर्चा खुब हो रही है कि नीतीश एक ऐसा शाॅर्टकट तलाशने में जुट गए हैं जो उन्हें सीधे दिल्ली पहुंचा दे. मतलब साफ है कि बिहार में गुजरात माॅडल अपना कर नीतीश पीएम नरेन्द्र मोदी के रास्ते पर चल पड़े हैं. हालांकि ऐसा बताया जा रहा है कि नीतीश को शराब बैन का आईडिया लालू प्रसाद यादव ने दिया था.
जिस तरह से शरद यादव, नीतीश कुमार व लालू प्रसाद यादव ने सभी पार्टियों से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह लगातार कर रहे हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है कि नीतीश अपने आप को अगले चुनाव में पीएम उम्मीदवार की तरह प्रस्तुत करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे. इसीलिए जिस तरह एक समय में गुजरात में शराब को पूर्णतः बैन कर नरेन्द्र मोदी पूरी दुनिया में छा गए थे, नीतीश के इस कदम को भी उनके रणनीति का पहला कदम माना जा रहा है.
माना जा रहा है कि नीतीश अब धीरे-धीरे बिहार में गुजरात माॅडल अपना कर पीएम नरेन्द्र मोदी के द्वारा उनके सीएम रहते राज्य में उठाए गए एक-एक कदम को फाॅलो करेंगे. ताकि अगले चुनाव में नीतीश अपने द्वारा उठाए गए इन कड़े फैसलों को पूरे देश की जनता के समक्ष प्रस्तुत कर अपने आप को पीएम पद का योग्य दावेदार बताएंगे. इन्हीं कारणों से लोगों में चर्चा हो रही है कि नीतीश गुजरात माॅडल को अपना कर अपने लिए ऐसा हाईवे तैयार कर रहे हैं जो उन्हें उनकी मंजिल दिल्ली तक पहुंचा सके.
इन सब के बावजूद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक पहल इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है. आम लोगों में यह चर्चा हो रही है कि नीतीश कुमार एक ऐसा शाॅर्टकट हाईवे तैयार करवा रहे हैं जिसकी बदौलत वे गुजरात के रास्ते बड़ी आसानी से दिल्ली पहुंच जाएंगे.
हालांकि बिहार की एक बड़ी आबादी इस समय नीतीश कुमार के द्वारा लिए गए एक फैसले से काफी नाखुश है. यह फैसला है बिहार में शराब पर पूर्णतः बैन का. जहां एक ओर शराब पीने वालो में शराब नहीं मिल पाने से नीतीश के प्रति नाराजगी हैं वहीं, बिहार की महिलाएं नीतीश कुमार के इस फैसले से काफी खुश और संतुष्ट नजर आ रही हैं.
नीतीश के इन्हीं फैसलों के कारण इस समय राजनीतिक हलकों में यह चर्चा खुब हो रही है कि नीतीश एक ऐसा शाॅर्टकट तलाशने में जुट गए हैं जो उन्हें सीधे दिल्ली पहुंचा दे. मतलब साफ है कि बिहार में गुजरात माॅडल अपना कर नीतीश पीएम नरेन्द्र मोदी के रास्ते पर चल पड़े हैं. हालांकि ऐसा बताया जा रहा है कि नीतीश को शराब बैन का आईडिया लालू प्रसाद यादव ने दिया था.
जिस तरह से शरद यादव, नीतीश कुमार व लालू प्रसाद यादव ने सभी पार्टियों से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह लगातार कर रहे हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है कि नीतीश अपने आप को अगले चुनाव में पीएम उम्मीदवार की तरह प्रस्तुत करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे. इसीलिए जिस तरह एक समय में गुजरात में शराब को पूर्णतः बैन कर नरेन्द्र मोदी पूरी दुनिया में छा गए थे, नीतीश के इस कदम को भी उनके रणनीति का पहला कदम माना जा रहा है.
माना जा रहा है कि नीतीश अब धीरे-धीरे बिहार में गुजरात माॅडल अपना कर पीएम नरेन्द्र मोदी के द्वारा उनके सीएम रहते राज्य में उठाए गए एक-एक कदम को फाॅलो करेंगे. ताकि अगले चुनाव में नीतीश अपने द्वारा उठाए गए इन कड़े फैसलों को पूरे देश की जनता के समक्ष प्रस्तुत कर अपने आप को पीएम पद का योग्य दावेदार बताएंगे. इन्हीं कारणों से लोगों में चर्चा हो रही है कि नीतीश गुजरात माॅडल को अपना कर अपने लिए ऐसा हाईवे तैयार कर रहे हैं जो उन्हें उनकी मंजिल दिल्ली तक पहुंचा सके.

यहां भी मिल सकते हैं