जी हां! योग गुरू बाबा रामदेव पतंजलि का
प्रचार-प्रसार करते हुए अक्सर दिखाई दे जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं
कि पतंजलि की दिन दोगुनी-रात चैगुनी सफलता के पीछे बाबा रामदेव नहीं हैं!
एक बात है बाबा रामदेव ने पतंजलि को देश का सबसे बड़ा ब्रांड बनाने के लिए
कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा. एक समय में जहां वे कहते थे कि हमें प्रचार-प्रसार
की जरूरत नहीं है वहीं, जरूरत पड़ने पर एक बड़ा बजट पतंजलि प्रोडक्टों के
प्रचार-प्रसार में झोंक दिया. इससे कंपनी को काफी हद तक फायदा भी हुआ है.
जब से हम सभी ने नाम सुना है पतंजलि को केवल बाबा रामदेव के नाम से जाना
है. लेकिन आइए जानते हैं वो शख्स कौन है जिसकी बदौत पतंजलि काफी तेजी से
तरक्की की सीढि़यां चढ़ता ही जा रहा है.
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| बालकृष्ण की पतंजलि आयुर्वेद में 94 पर्सेंट की हिस्सेदारी है |
बाबा रामदेव की आयुर्वेदिक उत्पाद कंपनी
पतंजलि की सफलता के पीछे और कोई नहीं बल्कि उनके सबसे करीबी कहे जाने वाले
आचार्य बालकृष्ण हैं. एक खबर के मुताबिक बालकृष्ण की पतंजलि आयुर्वेद में
94 पर्सेंट की हिस्सेदारी है, हालांकि वह कंपनी से कोई सैलरी नहीं लेते.
उनका दावा है कि आज तक उन्होंने अपने काम से एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली
है.
बालकृष्ण का कहना है कि जिस हिसाब से वे
मेहनत कर रहे हैं कुछ ही वर्षों में पतंजलि को वे 5,000 करोड़ के टर्नओवर
वाली कंपनी बनाकर छोड़ेंगे. हालांकि दूसरी एफएमसीजी कंपनियों के मुकाबले
पतंजलि की ब्रांडिंग रणनीति पुरानी ही है. जहां एक ओर दूसरी कंपनियां
उत्पादों को बाजार में उतारने में काफी सोचती-समझती है, वहीं, पतंजलि
बेहिचक अपने नए-पुराने उत्पादों को बाजार में उतारती है.
बता दें कि पतंजलि को शुरू करने के लिए
बालकृष्ण ने पर्सनल लोन लिया था. उस समय आचार्य बालकृष्ण को तनिक भी
विश्वास नही था कि पतंजलि एक समय में देश का सर्वश्रेष्ठ और विश्वसनीय
ब्रांड बन जाएगा.

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