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"दो शब्द दिल से"
माफ़ करना शराब, मेरा ठिकाना ही ख़राब था
माफ़ करना शराब, मेरा ठिकाना ही ख़राब था
Karunesh Kaithal
8:59:00 am
माफ़ करना शराब, मेरा ठिकाना ही ख़राब था,
तुझे छोड़के जीना, किसी का सिखाना ख़राब था !
जाने अनजाने में भूल हुई मुझसे, माफ़ करना,
अकेला पाया खुद को जब भी, तेरा ही साथ था !!
"दो शब्द दिल से"
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