कहती हो यूं ही कुछ लिखते रहा करो तुम
मेरी नजरों से भी कुछ पढ़ जाया करो तुम
हर बात लिखी जाए जरूरी तो नहीं,
बस, तन्हाई में यूं याद न आया करो तुम
कैसे बताउं जज्बात मेरे काबू में नहीं रहते
यूं करीब आ के मुस्कुराया न करो तुम
कहती हो यूं ही कुछ लिखते रहा करो तुम
मेरी नजरों से भी कुछ पढ़ जाया करो तुम!!
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