कोरा कागज बनके भी कितना खुश रहता हूं मैं
कोरा कागज बनके भी कितना खुश रहता हूं मैं

बहाना ना आंसू देखो जब भी मन उदास हो
पास में रहता हूं हरपल जब कोई न तेरे पास हो
प्यार से सहलाकर मुझको हाथ में उठाना तूम
बना लेना नाव मेरी तेज धार में बहाना तूम

दूंगा उनको संदेशा तेरा वादा यह करता हूं मैं
कोरा कागज बनके भी कितना खुश रहता हूं मैं

कोरा कागज बनके भी कितना खुश रहता हूं मैं
कोरा कागज बनके भी कितना खुश रहता हूं मैं



रूठे प्यार की चिट्ठी देख जब हो जाते हो लाल
उसको भी कोरा समझ करते हो टुकड़े हजार
फिर उसी को जोड़ कर पढ़ते हो तूम बार-बार
तकिये के नीचे रख मुझे चूमते हो हर बार

सपने में उनको बुलाकर तुमसे मिला देता हूं मैं
कोरा कागज बनके भी कितना खुश रहता हूं मैं

कोरा कागज बनके भी कितना खुश रहता हूं मैं
कोरा कागज बनके भी कितना खुश रहता हूं मैं